Maiya Samman Yojana 25th Installment Out: मंईयां सम्मान योजना की 24वीं किस्त का लाभ मिलने के बाद अब झारखंड की लाखों महिलाएं अगस्त महीने की 25वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं। इस बीच 25वीं किस्त को लेकर नया अपडेट सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ₹2,500 की राशि ट्रांसफर होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रक्षाबंधन के मौके से पहले सरकार की ओर से महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलने की खबर से लाभार्थियों में खुशी है।
बताया जा रहा है कि भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, इसलिए सभी महिलाओं के खाते में राशि एक साथ दिखाई देना जरूरी नहीं है। कुछ जिलों में पहले भुगतान और इसके बाद बाकी जिलों में राशि भेजे जाने की बात कही जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की सहायता DBT के माध्यम से मिलती है।
Maiya Samman Yojana 25th Installment Out Overview
| आर्टिकल का नाम | Maiya Samman Yojana 25th Installment Out |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना |
| किस्त | 25वीं किस्त |
| किस्त की राशि | ₹2,500 |
| भुगतान का माध्यम | DBT |
| भुगतान अवधि | अगस्त 2026 |
| लाभार्थी | पात्र झारखंड की महिलाएं |
| आधिकारिक पोर्टल | mmmsy.jharkhand.gov.in |
Maiya Samman Yojana 25th Installment Out
मंईयां सम्मान योजना की 25वीं किस्त को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक शुरुआती चरण में 12 जिलों की लाभार्थी महिलाओं के खातों में ₹2,500 की राशि भेजी जा रही है। इस चरण में रांची, धनबाद, देवघर, बोकारो, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), जामताड़ा, सिमडेगा, चतरा, पाकुड़ और गढ़वा जिले शामिल बताए जा रहे हैं। भुगतान DBT के माध्यम से होने के कारण राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है।
सभी महिलाओं के खाते में पैसा एक ही समय पर दिखे, यह जरूरी नहीं है, क्योंकि बैंक प्रोसेसिंग और विभागीय भुगतान प्रक्रिया के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है। योजना में ₹2,500 की मासिक सहायता दी जाती है और सरकार ने पात्र महिलाओं तक राशि पहुंचाने के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था अपनाई है।
रक्षाबंधन पर इन महिलाओं को ₹5000 मिलेंगे
जिन लाभार्थी महिलाओं को पिछली किस्त की ₹2,500 राशि किसी कारण से प्राप्त नहीं हुई थी, उन्हें बकाया किस्त के साथ वर्तमान किस्त की राशि मिलने पर कुल ₹5,000 प्राप्त हो सकते हैं। यानी भुगतान लंबित रहने की स्थिति में दो किस्तों की रकम एक साथ खाते में जमा हो सकती है। हालांकि ₹5,000 का भुगतान प्रत्येक महिला को नहीं मिलेगा; यह केवल उन लाभार्थियों पर निर्भर करेगा जिनकी पिछली किस्त वास्तव में लंबित है और जिनका भुगतान विभागीय सत्यापन में स्वीकृत है।
मंईयां सम्मान योजना 25वीं किस्त के लिए पात्रता
- आवेदिका का झारखंड राज्य की स्थायी निवासी होना जरूरी है।
- महिला की उम्र सामान्यतः 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- लाभार्थी परिवार के पास झारखंड सरकार द्वारा मान्य राशन कार्ड होना जरूरी है।
- महिला के नाम पर आधार से लिंक व्यक्तिगत बैंक खाता होना चाहिए, ताकि DBT के जरिए पैसा प्राप्त हो सके।
- महिला या उसके परिवार की स्थिति योजना में निर्धारित अपात्रता वाली श्रेणियों में नहीं होनी चाहिए।
- परिवार में सरकारी नौकरी या आयकर संबंधी निर्धारित अपात्रता होने पर लाभ प्रभावित हो सकता है।
- बैंक खाते में DBT सक्रिय और जरूरी आधार लिंकिंग पूरी होना महत्वपूर्ण है।
Maiya Samman Yojana 25th Installment Status Check कैसे करें?
- सबसे पहले मंईयां सम्मान योजना के आधिकारिक पोर्टल mmmsy.jharkhand.gov.in पर जाना है।
- वेबसाइट के होम पेज पर Login विकल्प पर क्लिक करना है।
- अब मांगी गई लॉगिन जानकारी दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करना है।
- लॉगिन के बाद आवेदन एवं भुगतान की स्थिति से संबंधित विकल्प पर क्लिक करना है।
- इसके बाद अपना जरूरी विवरण और मोबाइल नंबर दर्ज करना है।
- मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करके सत्यापन करना है।
- अब स्क्रीन पर आवेदन और भुगतान से संबंधित जानकारी दिखाई देगी।
- 25वीं किस्त का भुगतान हो चुका है तो यहां ₹2,500 की राशि और भुगतान की स्थिति दिखाई दे सकती है।
Note:- मंईयां सम्मान योजना 25वीं किस्त को लेकर अलग-अलग महिलाओं के खाते में पैसा पहुंचने का समय अलग हो सकता है। DBT भुगतान के बाद बैंक स्तर पर राशि अपडेट होने में भी कुछ समय लग सकता है। इसलिए केवल SMS नहीं आने पर यह न मानें कि किस्त नहीं मिली है। बैंक पासबुक अपडेट करके भी खाते में ₹2,500 की एंट्री चेक की जा सकती है।
इसके अलावा संबंधित बैंकिंग ऐप या बैंक के माध्यम से बैलेंस और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखी जा सकती है। यदि भुगतान स्टेटस में कोई समस्या दिखाई देती है, तो लाभार्थी को अपने बैंक खाते की आधार लिंकिंग और DBT स्थिति की जांच करनी चाहिए। योजना की आधिकारिक जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल को प्राथमिकता देना बेहतर है।